जागरण संवाददाता, गाजीपुर : करंडा के धरम्मरपुर और गहमर गंगा घाट के पास मंगलवार को दर्जनों उतराए हुए शव मिले। इससे जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में जेसीबी से गड्ढा खोदकर शव दफन किए गए। शवों को देख ग्रामीणों में भी दहशत का माहौल है। उधर विभिन्न गंगा घाटों पर फोर्स तैनात कर दी गई है। गंगा में कई जगह उतराए शवों की सूचना पर जिला प्रशासन हरकत में आया। करंडा के धरम्मरपुर और गहमर गंगा पर कई शव मिले। अधिकतर शव सड़-गल गए थे और इनसे दुर्गंध आ रही थी। इससे आस-पास के लोगों का रहना मुश्किल हो गया। मंगलवार की सुबह एसडीएम सदर अनिरुद्ध प्रताप सिंह, एसपी सिटी गोपीनाथ सोनी और कई थानों के पुलिस कर्मी सहित राजस्व विभाग की टीम ने शवों को निकलवाकर दफन कराया। शवों की संख्या अधिक होने से पोकलैन मंगानी पड़ी। गंगा में किसी शव का प्रवाह न किया जा सके इसके लिए घाटों पर पुलिस बल की तैनाती के साथ ही टीम गठित कर सुबह, दोपहर, शाम रिवर पेट्रोलिग शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने पैसे के अभाव में शवों को गंगा में फेंके जाने की बात से इनकार किया। बारा और गहमर में मिले कई शव भदौरा : सोमवार को रात भर बारा और गहमर गंगा घाटों पर शव ढूंढे जाते रहे। इस दौरान बारा में छह और गहमर गंगा घाट पर एक दर्जन से अधिक शव मिले। इसे लेकर देर रात तक प्रशासनिक अमला छानबीन में जुटा रहा। मंगलवार की अल सुबह अधिकारियों ने पानी में बहते शवों को निकलवाया और किनारे गड्ढे खोदकर दफन कर दिया गया। -गंगा में शव का प्रवाह करने पर पूरी तरह से रोक है। जिलाधिकारी के निर्देश पर एक टीम गठित की गई है, जो सुबह, दोपहर और शाम को रिवर पेट्रोलिग करेगी। इसके अलावा गंगा घाटों पर पुलिस बल की भी तैनाती की गई है, ताकि कोई भी गंगा में शव का प्रवाह न कर सके।
जागरण संवाददाता, गाजीपुर : श्रीमान जिलाधिकारी महोदय, मेरे गांव सौरम में कोरोना महामारी से मरने वालों की संख्या दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। पिछले 15 दिन में अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है। मरने वालों की संख्या निम्नलिखित है.फलां, फलां, फलां..। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह को संबोधित यह पत्र लिखा है करंडा ब्लाक स्थित सौरम की ग्राम प्रधान सीमा जायसवाल ने। खास बात यह है कि ग्राम प्रधान ने यह पत्र जिलाधिकारी को देने के बजाय इंटरनेट मीडिया पर वायरल कर दिया। मामला संज्ञान में आने के बाद जिलाधिकारी ने आनन-फानन गांव में स्वास्थ्य टीम भेजकर जांच कैंप लगवाया। दो दिन में 152 लोगों की जांच की गई तो इसमें दो किशोरियों समेत चार कोरोना पाजिटिव मिले।
जागरण संवाददाता, गाजीपुर : जिला अस्पताल में स्थापित किए गए आक्सीजन प्लांट की टेस्टिंग के बाद मंगलवार को उससे उत्पादित आक्सीजन का सैंपल जांच के लिए गुड़गांव भेजा गया। वहां से ओके होने के बाद इसे मरीजों को देना शुरू कर दिया जाएगा। कंपनी के इंजीनियरों ने दिन-रात लगकर इस प्लांट को पूरा किया है। इंजीनियरों ने खुद जांच की तो आक्सीजन की शुद्धता 90 फीसद मिली, जो मानक के अनुसार है। जिला अस्पताल का जब भवन बना था तब ही सभी वार्डों में सेंट्रल आक्सीजन सप्लाई की व्यवस्था की गई थी ताकि रोगियों को आवश्यकता पड़ने पर तत्काल यह सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। हालांकि आक्सीजन प्लांट स्थापित नहीं हो पाने के कारण यह सुविधा शुरू नहीं हो पाई। अब जब अधूरे पड़े आक्सीजन प्लांट को पूरा कर लिया गया है तो इससे सेंट्रल आक्सीजन सप्लाई शुरू होगी। अगर सब कुछ ठीक रहा तो शीघ्र ही रोगियों को यह सुविधा मिलने लगेगी। सेंट्रल आक्सीजन सप्लाई शुरू होने से यहां बेकार पड़े वेंटिलेटर भी सही तरीके से काम करने लगेंगे।